हम समय की अनवरत यात्रा के ,
किसी पड़ाव पर साथ देने
वाले ,
वो सूक्ष्तम सहभागी
है जो ,
यदि कभी समय यात्रा की ,
रेखा में शायद अणु से भी छोटे
रहेंगे ,
मगर इस यात्रा में
जहाँ से ,
हम शामिल हुए
है और ,
जितना भी समय हमें
इसका ,
सहयात्री बनने का मिला ,
उस समय हम
इस यात्रा में ,
कितना इसका साथ दे गए ,
और कितना यात्रा
को आयाम दिये ,
यही हमारी छोटी सी यात्रा की
,
अनंत समय यात्रा को देन है
,
सफलता है , योगदान है।