हर मंजर का लुत्फ़ लेने दे,
बस एक बार मिली है ज़िंदगानी ,
जरा जी भर कर जी लेने दे।
थोड़ी धूप, थोड़ी छाँव मिले,
हर रंग को दिल में बसने दे,
कभी हँसी की गूंज उठे,
कभी आँसू भी बहने दे।
ना भाग इस कदर कि खुद से ही दूर हो जाए,
इन लम्हों को थोड़ा ठहरने दे,
जो छूट गए हैं रास्ते में,
उन ख्वाबों को फिर से पलने दे।
आहिस्ता-आहिस्ता चल ज़िन्दगी,
हर लम्हे को गीत बनने दे,
बस एक बार मिली है ज़िंदगानी,
हर साँस का एहसास होने दे।
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