जो है , सब ईश्वर की मर्ज़ी ,
जैसा है , सब ईश्वर की मर्ज़ी ,
जो होगा ,वो ईश्वर की मर्ज़ी ,
चलते रहना ही बस मेरी मर्ज़ी।
ख़ुशी भी उसकी मर्ज़ी ,
दर्द भी उसकी मर्ज़ी ,
हार -जीत भी उसकी मर्ज़ी ,
चलते रहना , बस मेरी मर्ज़ी।
साँसे ,उसकी मर्ज़ी
,
हवायें , उसकी मर्ज़ी
,
दिन रात ,उसकी मर्ज़ी
,
बस चलते रहना , मेरी
मर्ज़ी।
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