Tuesday, May 5, 2026

मर्ज़ी

 

जो है , सब ईश्वर की मर्ज़ी ,

जैसा है , सब ईश्वर की मर्ज़ी ,

जो होगा ,वो ईश्वर की मर्ज़ी ,

चलते रहना ही बस मेरी मर्ज़ी।

 

ख़ुशी भी उसकी मर्ज़ी ,

दर्द भी उसकी मर्ज़ी ,

हार -जीत भी उसकी मर्ज़ी ,

चलते रहना , बस मेरी मर्ज़ी।

 

साँसे ,उसकी मर्ज़ी ,

हवायें , उसकी मर्ज़ी ,

दिन रात ,उसकी मर्ज़ी ,

बस चलते रहना , मेरी मर्ज़ी।

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