गाँधी तेरे देश में देख तेरे अन्ना का क्या हाल हो गया ?
तेरे रास्तो पर चल वो तिहाड़ जेल पहुच गया.
सच में आज तुम होते तो फूट फूट कर रोते,
अहिंसा के मार्ग पर चलना आपके देश में ही अब पाप हो गया.
कविता लिखना नहीं जानता , शब्दों का मैं खिलाडी नहीं ! बस दिल से आवाज आती हैं और शब्दों में खुदबखुद ढल जाती हैं.
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