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Thursday, October 12, 2017

मोमबत्ती


ये मोमबत्ती भी न बड़ा तंग करती है , 
जलने के बाद अपनी बचे हुए धाँगे और , 
पिघले मोम से जगह गन्दा कर देती है , 

किया क्या इसने ? 
अँधेरे में रौशनी देने के सिवाय , 
अपने को जलाया ही तो है , 
सब ताप सहन करने के बाद , 
नियति ही इसकी ऐसी थी , 
खुरच दो इसके सब निशाँ , 
कही भी कुछ रह  न जाये , 
जगह चाहिए बिलकुल साफ़, 
जब फिर अँधेरा होगा , 
जला लेंगे दूसरी मोमबत्ती , 
क्या कमी है हमारे पास।   

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