Friday, October 30, 2020

सब ठीक हो जायेगा

 कितना विश्वास ,

कितनी आशा ,

कितने सपनो का आगाज ,

कितनी उम्मीदों का सूत्रपात ,

कोई जब आकर कह दे हौले से ,

"सब ठीक हो जायेगा। "

 

पथरीली सी जीवन की भूमि पर ,

आशा और उम्मीद उर्वरा है ,

कर्मो का हल है ,

और पुरुषार्थ फसल है,

जीवन के अविरल प्रवाह का ,

यही गूढ़ मंत्र है।  

 

हर रोज़ कितना संघर्ष ,

मगर , उम्मीद कायम है ,

जीवन पथ पर रोज़ एक हौंसला है ,

"सब ठीक हो जायेगा "

जीवन पथ पर चलते रहने का ,

तिलिस्मी मूल मंत्र है।