Sunday, February 25, 2018

फाग के रंग - होली के संग ( होली हुल्लड़ )




गजब तमाशा हो रहा है , 
देश को मेरे ये क्या हो रहा है।  

बैंको से धन कोई उड़ा रहा है , 
उसकी भरपाई में जनता पर नया टैक्स लग रहा है।  

गरीब मरे भूख से , उसकी चिंता कोई नहीं कर रहा है , 
तैमूर को तीन दिन से पॉटी नहीं हुई , चिंता सारी देश कर रहा है।  

नेट पैक दिन पर दिन सस्ता हो रहा है ,
जरुरी चीजों का दाम रोज़ चढ़ रहा है।  

एक लड़की ने आँख मटकायी , उसको वीडियो वायरल हो रहा है 
फौजी की शहीदी की खबर , अखबार के किसी कोने पर दम तोड़ रहा है।  

राजनीति  का स्तर रोज़ नीचे गिर रहा है , 
कोई किसी को "पप्पू " , कोई किसी को "फेंकू " कह रहा है ,
देखकर आजकल देश के हालात , 
सच में मेरे देश में " फॉग " चल रहा है।  

Wednesday, February 14, 2018

राधा कृष्ण



कुछ तो बोल राधा  ,
श्याम तेरा क्यों न हुआ ,
तू उसके प्रेम में पगली बनी ,
श्याम किसी और का क्यों हुआ।

सुन सखी , प्रेम तो त्याग है
ये देह का नहीं , दिलो का राग है ,
मिल जाते कान्हा मुझे तो ,
फिर हमारा प्रेम कैसे अमर होता।

राधा कृष्ण तो एक है ,
और सदा एक ही रहेंगे ,
एक दूजे के बिना वो अधूरे है , 
एहसास है प्रेम , 
जो शब्दों से बयां मुश्किल से होता है , 
रूह से जुड़े होने का जज्बात है ये , 
बस दिल ही दिल बयां होता है।  

प्रेम की पराकाष्ठा ये है सखी , 
उसकी हर सांस में प्रेमी का , 
स्वर होता है , 
दैविक है प्यार तो , 
ये शारीरिक सीमाओं में नहीं बंधा होता है।  

Tuesday, February 6, 2018

संघर्ष



जिद्द है तो जूनून भी चाहिए
मंजिले यूँ ही हासिल नहीं होती ,
दाँव पर लगाना पड़ता है सब कुछ ,
कामयाबी यूँ ही खैरात में नहीं मिलती। 

पूछो जरा हीरे से ,
उसकी कीमत यूँ ही ज्यादा नहीं होती ,
जलकर , तपकर और भार सहकर ,
कालिख कोयले की उसे हटानी पड़ी। 

यूँ ही एवरेस्ट ने उच्चाई हासिल नहीं की ,
झेला उसने लाखो वर्षो का घर्षण ,
सिसक सिसक कर एक इंच बढ़ा ,
रातो रात उसकी तस्वीर नहीं बदली। 

उठो , गिरो , सम्भलो
फिर पुनः प्रयास करो
तोड़ेगी , मरोड़गी -ज़िन्दगी
कदम कदम पर इम्तेहान लेगी। 

हौंसलो में जिसके दम होगा ,
उसके माथे पर ही विजय तिलक होगा ,
ज़िन्दगी की संघर्ष गाथा का ,
वो नया नायक होगा।