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Monday, August 3, 2020

लक्ष्य

लक्ष्य कैसा हो ?

समयबद्ध ,

नियमबद्ध ,

अनुशासनबद्ध ,

विशिष्ट ,

प्रेरक ,

और मंगलमय हो। 

 

लक्ष्य साधन से पहले ,

योजना ,

साधना ,

समर्पण ,

कर्मतप,

एकाग्रता

और

एकनिष्ठता हो। 

 

लक्ष्य साध्य कैसे हो ?

घुमते चक्र में बँधी मछली ,(साधना )

नीचे पानी में छाया देख, ( एकाग्रता )

धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा , (विश्वास)

एक तीर से , (कर्मतप )

चक्षु भेदन जैसा हो। ( एकनिष्ठता )


Tuesday, February 6, 2018

संघर्ष



जिद्द है तो जूनून भी चाहिए
मंजिले यूँ ही हासिल नहीं होती ,
दाँव पर लगाना पड़ता है सब कुछ ,
कामयाबी यूँ ही खैरात में नहीं मिलती। 

पूछो जरा हीरे से ,
उसकी कीमत यूँ ही ज्यादा नहीं होती ,
जलकर , तपकर और भार सहकर ,
कालिख कोयले की उसे हटानी पड़ी। 

यूँ ही एवरेस्ट ने उच्चाई हासिल नहीं की ,
झेला उसने लाखो वर्षो का घर्षण ,
सिसक सिसक कर एक इंच बढ़ा ,
रातो रात उसकी तस्वीर नहीं बदली। 

उठो , गिरो , सम्भलो
फिर पुनः प्रयास करो
तोड़ेगी , मरोड़गी -ज़िन्दगी
कदम कदम पर इम्तेहान लेगी। 

हौंसलो में जिसके दम होगा ,
उसके माथे पर ही विजय तिलक होगा ,
ज़िन्दगी की संघर्ष गाथा का ,
वो नया नायक होगा।