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Monday, August 3, 2020

लक्ष्य

लक्ष्य कैसा हो ?

समयबद्ध ,

नियमबद्ध ,

अनुशासनबद्ध ,

विशिष्ट ,

प्रेरक ,

और मंगलमय हो। 

 

लक्ष्य साधन से पहले ,

योजना ,

साधना ,

समर्पण ,

कर्मतप,

एकाग्रता

और

एकनिष्ठता हो। 

 

लक्ष्य साध्य कैसे हो ?

घुमते चक्र में बँधी मछली ,(साधना )

नीचे पानी में छाया देख, ( एकाग्रता )

धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा , (विश्वास)

एक तीर से , (कर्मतप )

चक्षु भेदन जैसा हो। ( एकनिष्ठता )


Saturday, October 12, 2019

जीवन समर


उतरे है जीवन समर में , 
तो डरना क्या , 
दिया है सिर ओखली में , 
तो मूसल से डरना क्या , 
कर्मो का परिणाम है वर्तमान , 
भविष्य के लिए घबराना क्या , 
मुकद्दर खुद लिखना होता है , 
दुसरो पर दोष मढ़ना क्या ,
जिद्द हो , जूनून हो 
तो क्या पर्वत , क्या आसमान 
क्या सागर की गहराइयाँ 
बैठे रहे तो फिर , 
सपाट रास्ते में भी खाइयाँ।  

हौंसला और विश्वास , 
और कर्म हो अगर साथ , 
भाग्य का बनना और बिगड़ना क्या , 
पुरषार्थ के आगे बेदम है , 
सब बाधाएँ और संकट , 
कर्मतप से पिघल जाये लोहा भी , 
जयगान जीवन का।  

Wednesday, December 19, 2018

शिखर


वो यूँ ही शिखर पर नहीं पहुँचा होगा ,
कितना संघर्ष ,
कितना त्याग ,
कितने ताने ,
कितनी मेहनत ,
हर सीढ़ी पर अपना कलेजा रखा होगा ,
वो यूँ ही शिखर पर नहीं पहुंचा होगा। 

वो जज्बा ,
वो हिम्मत ,
वो जूनून ,
वो पागलपन ,
वो खुद पर विश्वास हर कदम रखा होगा ,
वो यूँ ही शिखर पर नहीं पहुंचा होगा। 

सीखने की ललक ,
हर हार से सबक ,
निराशा में आस की किरण,
हार में जीत की झलक,
हर परिस्थिति से पार पाया होगा ,  
वो यूँ ही शिखर पर नहीं पहुंचा होगा।  

Thursday, December 13, 2018

जीत



हारा नहीं तू अभी ,
वक्त अभी फिसला नहीं ,
हाँ, थोड़ा ताकत और लगानी पड़ेगी ,
अगर तुझे कोई गुरेज नहीं ,
वो देख , मंज़िल तुझसे मिलने के लिए ,
बाहें खोले है खड़ी। 

कौन आगे निकल गया ,
किसने क्या पा लिया
ये उनकी मेहनत और किस्मत ,
तूने भी मेहनत की ,
थोड़ा सा ही शायद रह गयी कमी। 

चल , उठ और फिर खड़ा हो ,
उम्र कोई बाधा नहीं ,
होंगी परिस्थितियां विपरीत भले ही ,
कर्मयोद्धा बन ,
लड़कर जीतना ही सही। 

याद रख इतिहास वो ही रचते है,
जो जज्बा और जूनून रखते है ,
कर्मो से अपने जो तूफ़ान उठाते है ,
बस वही याद रह जाते है। 



Wednesday, September 6, 2017

लक्ष्य



धीरे धीरे ही सही , 
आगे बढ़ रहा हूँ।  
रुक रुक कर ही सही , 
पैरो को अपने साध रहा हूँ। . 

आते हैं अवरोध , 
मगर उद्देश्य को हमेशा याद रखता हूँ ।    
सुनाने वाले बहुत हैं , 
मगर हर बात को दिल पर नहीं लेता हूँ।  

मुझे अपने पर यकीन हैं , 
ईश्वर को हमेशा साथ रखता हूँ।  
शुभचिंतको की दुआएँ बहुत हैं , 
इसलिए हर बार गिरकर उठता हूँ।  

देर होगी मगर अंधेर नहीं , 
हर निराशा का अंत करता हूँ।  
थोड़ा पीछे रह भी गया अभी तो क्या , 
दौड़ के अंत में अपनी विजय देखता हूँ।  

Friday, July 14, 2017

Let us live the life again


Let us live the life again,
Life is so beautiful,
Sorry for those days,
Which I had spent in vain.

Where is the mighty sorrow?
Where is the heavy pain?
I want to tell them,
They cannot defeat me now,
I will be happy and cherish life again.

Let us give colours to life again,
Make a rainbow once again.
Let us forget the past,
Start a fresh, from the scratch.

Wipe the tears , 
Lighten the heart,
Forget the pain ,
Let us live the life again.

Let us enjoy the sunshine,
Feel the moonlight ,
Enjoy the rain.
Let us live the life again.

Let us live the life again,
Life is so beautiful,
Sorry for those days,
Which I had spent in vain.