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Monday, August 3, 2020

लक्ष्य

लक्ष्य कैसा हो ?

समयबद्ध ,

नियमबद्ध ,

अनुशासनबद्ध ,

विशिष्ट ,

प्रेरक ,

और मंगलमय हो। 

 

लक्ष्य साधन से पहले ,

योजना ,

साधना ,

समर्पण ,

कर्मतप,

एकाग्रता

और

एकनिष्ठता हो। 

 

लक्ष्य साध्य कैसे हो ?

घुमते चक्र में बँधी मछली ,(साधना )

नीचे पानी में छाया देख, ( एकाग्रता )

धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा , (विश्वास)

एक तीर से , (कर्मतप )

चक्षु भेदन जैसा हो। ( एकनिष्ठता )


Thursday, February 21, 2019

कदम



रास्ते खुलेंगे , 
कदम तो बढ़ा , 
एक रास्ता बंद तो क्या , 
नए रास्ते बना।  

कम तू किसी से नहीं , 
'कमी तुझमे' ये भ्रम , 
कर सकता है सब कुछ , 
संकोच मत रख कोई मन में।  

रोड़े आयेंगे राहो में , 
सब्र का इम्तेहां होगा , 
हौंसला तुलेगा ज़िन्दगी तराजू में ,
तब "तू" निखरेगा।  

गढ़ेगा तेरे नाम का पत्थर भी , 
जीवन सफर की राहों में , 
संघर्ष और जूनून से , 
अपने को इस लायक तो बना।  

हार जीत , सफलता -असफलता 
ये तो जीवन राह के पड़ाव है , 
ज़िन्दगी तो चलती जानी है , 
"विजय यात्रा " तो तुझे खुद बनानी है।   

Tuesday, February 5, 2019

मसले

बहुत मसले यूँ ही हल हो जाते ,
अगर " मैं " से "हम " हो जाते।  

कितने रिश्ते यूँ ही नहीं बिखरते , 
थोड़ा वो और थोड़ा तुम झुक जाते।  

पछतावा अब करने से क्या फायदा , 
उस समय जरा हिम्मत कर जाते।  

ज़िन्दगी की राह कितनी आसान हो जाती , 
अगर गलतियों से सबक सीखे होते।  

माना बहुत चुनौतियाँ है राह में , 
अपने दम ख़म को परखे तो होते।  

तमाम खूबियों से नवाजा ईश्वर ने आपको , 
वक्त रहते फैसले लेते तो आज कहाँ होते। 


Friday, May 18, 2018

कारवाँ जारी है



जीवन अपनी गति से बढ़ रहा , 
कोई आगे - कोई पीछे चल  रहा ,
किसी के माथे पर थकन की शिकन , 
कोई मदमस्त गीत गुनगुना रहा , 
देखो !जीवन कारवाँ गुजर रहा।  

किसी को क्षितिज के उस पार की चिंता , 
कोई गुबार में उलझ रहा , 
किसी को सहारे की जरुरत , 
कोई अकेला ही चल रहा ,
देखो ! जीवन कारवाँ गुजर रहा।  

कही जेठ की धूप झुलसा रही , 
कहीं चाँद अपना अमृत बरसा रहा , 
बनते - बिगड़ते रिश्तो के बीच , 
प्रेम अपनी राह खुद बना रहा , 
देखो ! जीवन कारवाँ चल रहा।  

सब उम्मीदों को सहारा बनाकर , 
यादों की गठरी उठाकर , 
अपने सफर को यादगार बनाने की कशमकश में ,
चला जा रहा,
देखो ! जीवन कारवाँ चल रहा।  

किसी की ख्वाहिशें पनप रही , 
किसी को सफर लम्बा लग रहा , 
जो अँधेरे में भी साहस न छोड़े , 
उसका सफर आरामदायक कट रहा ,
देखो ! जीवन कारवाँ चल रहा।  

राहों में कही फूल बिखरे पड़े , 
कही काटों से भी पाला पड़ रहा , 
संतुलित होकर जो चल रहा , 
इस कारवाँ का आनंद वही ले रहा , 
देखो ! जीवन कारवाँ चल रहा।  

चलना अकेले ही है , कुछ साथ आ गए तो अच्छा है , 
कहकहे लगाते आगे बढ़ते रहिये ,
सुख -दुःख बाँटते हुए चलते रहिये, 
आपके पदचिन्हो पर वो देखो, 
कोई चल कर अब आगे बढ़ रहा , 
देखो ! जीवन कारवाँ चल रहा।  

Tuesday, November 28, 2017

चलो , आगे बढ़ते है


चलो ,
आगे बढ़ते है ,
कड़वी यादो को दफ़न करते है ,
मीठी यादों के संग चलते है। 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
जो हो गया - वो हो गया ,
आगे का सफर तय करते है। 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
समय अभी हाथ से फिसला नहीं ,
जो बचा है उसी में इतिहास रचते है। 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
जो रिश्ते साथ में हैं ,
उनको संग ले चलते हैं। 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
जिंदगी ने अनुभव तो दे ही दिया ,
दिल को फिर जूनून देते है । 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
औरो के लिए बहुत जी लिए ,
अब अपने लिए भी जीते हैं। 

चलो ,
आगे बढ़ते है ,
नए जोश और उमंग से ,
नयी उच्चाईयाँ छूते है।