Monday, April 8, 2024

चुनावी साँप -सीढ़ी

 


खींचो ,खीचों ,

ढूँढो -ढूँढो ,

ग्राफ बढ़ रहा उसका ,

कुछ पुराना मसाला ढूँढो ,

मढ़ो - मढ़ो ,

कुछ तो लाँछन मढ़ो ,

चुनावी साँप -सीढ़ी है ,

टाँग खींचो ,

सरपट घसीटो ,

मुद्दे लाओ ,

नीचा दिखाओ ,

जनता के मुद्दे नहीं ,

व्यक्तिगत आरोप लगाओ ,

चुनाव साँप सीढ़ी का खेल है ,

साम -दंड -भेद सब अपनाओ। 

 

बर्गलाओ जनता को ,

ध्यान भटकाओ ,

जनता कही जाग न जाये ,

हिसाब न पूछ ले ,

पक्ष वालों ने क्या किया ,

विपक्ष क्यों सोया रहा ,

अनर्गल प्रलाप करो ,

जनता भोली है ,

थोड़ा टेसू बहाओ ,

प्रलोभन दो ,

मुफ्त की घोषणा करो ,

जीतने के लिए ,

सब तिकड़म करो ,

साँप -सीढ़ी का खेल है ,

खेलते रहो , खिलाते रहो। 

 

नैतिकता जनता के लिए है ,

तुम अपना विकल्प खुले रखो ,

जहाँ को देखो रुख हवा का ,

उसी और बह चलो ,

राजनीति को परिवार में घुसाओ ,

अपना परिवार को आगे बढ़ाओ ,

जनता के घर -घर घुसकर ,

भाई -भाई में सर-फुटव्वल कराओ,

बिकने को तैयार बैठा वोटर ,

नोटों की गड्डियां सरकाओ,

साँप -सीढ़ी का खेल है चुनाव ,

जनता पासा है , उछालते रहो।