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Tuesday, November 7, 2023

जीवन नैय्या

 


 जितना आपको जानना चाहता हूँ ,

उतना गहरा आपको पाता हूँ ,

मैं जड़बुद्धि , हे ! परमेश्वर ,

तेरी ओट में रहना चाहता हूँ। 

 

तेरे प्रकाश पुँज से उत्पन्न ,

तुझमें ही इक दिन विलीन होना है ,

तेरी रहमतों से ही ईश्वर,

जीवन पथ मेरा चलना हैं। 

 

न कोई शिकायत मेरी ,

न कोई शिकवा है ,

जो खोया -पाया नसीब मेरा ,

तेरी तो बस रहमत हैं।  

 

सुःख -दुःख के पलड़े ,

जीवन पथ चलते रहते है,

तुझ पर अटूट विश्वास से ,

दिन मेरे कटते रहते है।

 

सौंप देता हूँ रोज़ अपनी नैया ,

तू ही बस मेरा खैवय्या है ,

चिंता फिर किस बात की मुझे ,

जीवन सागर पार उतरना है। 


Friday, May 7, 2021

 

ज़िन्दगी तू गा गीत कोई नया ,

साँसो को जोड़ने का जूनून नया ,

मन में भर दे आशा का तूफ़ान ,

छेड़ उम्मीद का कोई राग नया। 

 

मुश्किलें है मगर ये कोई नहीं नया ,

जिजीविषा से अपनी पहुँचे है हम यहाँ ,

दिया है सबल मानवता ने हरदम ,

सच्चे योद्धाओ के लिए तू बिगुल बजा। 

 

उम्मीद, हौंसले और आस से ,

एक नया मधुर संगीत बना ,

हर नजर तुझ पर टिकी अब ,

साँसो से साँसो का गठजोड़ बना। 

 

जीतेगी , जीतेगी हर हाल में ज़िन्दगी ,

हर सांस को तू थामे रखना ,

छिटक रहा है अँधेरा अब ,

तू सबको आस देना , हौंसला देना। 

Monday, August 3, 2020

लक्ष्य

लक्ष्य कैसा हो ?

समयबद्ध ,

नियमबद्ध ,

अनुशासनबद्ध ,

विशिष्ट ,

प्रेरक ,

और मंगलमय हो। 

 

लक्ष्य साधन से पहले ,

योजना ,

साधना ,

समर्पण ,

कर्मतप,

एकाग्रता

और

एकनिष्ठता हो। 

 

लक्ष्य साध्य कैसे हो ?

घुमते चक्र में बँधी मछली ,(साधना )

नीचे पानी में छाया देख, ( एकाग्रता )

धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा , (विश्वास)

एक तीर से , (कर्मतप )

चक्षु भेदन जैसा हो। ( एकनिष्ठता )


Thursday, November 15, 2018

वो तुम्हारे साथ है।


जब सारे रास्ते बंद दिखे , 
उम्मीद की हर किरण धुले , 
जीवन एक बोझ सा लगे , 
तब एक हलकी सी दस्तक सीने में , 
आशा बनकर उभरे , 
तब समझ जाओ , 
वो तुम्हारे साथ है।  

जब हिम्मत टूटने लगे , 
हौंसला साथ छोड़ने लगे , 
सब कुछ बड़ा बेमानी सा लगने लगे , 
अचानक एक आँसू गिरकर , 
चमकने लगे , 
दिल थोड़ा सा हल्का लगने लगे , 
तब समझ जाओ , 
वो तुम्हारे साथ है।  

घुप्प अँधेरा हो , 
कहीं कुछ दिखाई न दे , 
सब अमावस की काली रात लगे , 
तब कही दूर एक टिमटिमाता जुगनू भी दिखे , 
तब समझ जाओ , 
वो तुम्हारे साथ है।  

जब सब साथ छोड़ दे , 
अकेला ये जहाँ लगने लगे , 
सारे रिश्ते नाते दूर के लगने लगे , 
तब आपको माँ का चेहरा  दिखे , 
तब समझ जाओ , 
वो तुम्हारे साथ है।

जब खुद के वजूद पर संदेह हो जाये ,
अपने होने का अर्थ समझ न आये ,
सबसे बुरा ख्याल मन में आये  ,
तब आपको किसी लाचार और मजबूर का चेहरा याद आये ,
तब समझ जाओ , वो ज़िन्दगी का दाता
आपके साथ है।    

Image source - google