Wednesday, November 18, 2020

माँ

 


न जाने क्यों लोग कहते है ,

तू चली गयी है माँ ,

मगर मैं तो न मानूँ ,

मेरी रूह और हर साँस में बसी है तू माँ !

 

न जाने क्यों लोग कहते है ,

तू मिट्टी में मिल गयी है माँ ,

मैं तो तुझसे ही बना हूँ ,

जब तक मैं , तू ज़िंदा है माँ। 

 

न जाने लोग क्यों कहते है ,

अब तेरी आवाज नहीं सुनाई देगी माँ ,

मेरे हर शब्द में तो तू ही ,

गूँजती है माँ। 

 

न जाने क्यों लोग कहते है ,

अब तू कभी नहीं दिखेगी ,

लेकिन मैं तो तेरी छाया ,

जब तक मैं , तेरा अक्स मुझमे माँ। 

 

झूठ कहते है लोग,

तेरे जाने के बारे में ,

मेरे रोम रोम में ,

हमेशा ज़िंदा रहेगी तू माँ।

 

 शायद लोगो के लिए तू सिर्फ ,

एक नाशवान इंसान थी माँ ,

मगर हमारे लिए तो तू ,

भगवान से बढ़कर थी ,है और रहेगी माँ।  

 


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