Friday, February 13, 2026

वक्त

 


वक्त सबको वक्त देता है ,

वक्त को सब अपना वक्त नहीं देते ,

जो देते है , वो वक्त का साथ पाते है ,

जो नहीं देते , उनका वक्त निकल जाता है। 

 

वक्त की सबसे अच्छी चीज ये है " आनन्द ",

ये सदा के लिये किसी एक के पक्ष में नहीं रहता ,

बदलने की फितरत रही है सदा इसकी ,

देर सबेर आता हरेक के हिस्से जरूर हैं। 

 

कभी झटके में बदल जाता है ,

किसी को बेइंतेहां इन्तजार करवाता है ,

परीक्षा लेता है ठोक -बजाकर ,

जब आता है , फिर सिर ताज सजा देता है। 

 

वक्त कभी अच्छा या बुरा नहीं होता ,

सब परिस्थितियों का खेल होता है ,

लगता है वक्त को भी समीकरण बदलने में ,

वक्त को भी थोड़ा वक्त चाहिये होता है। 

 

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