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Wednesday, June 10, 2026

आसान

 ज़िन्दगी आसान है ,

आसान रहने दीजिये , 

बेवजह की बातें बहुत है , 

काम की बातें सुना कीजिये ,

लोग कहते रहेंगे , 

लोगों को कहने दीजिये ,

सुकून से रहना है , 

कुछ बातों को जाने दीजिये।


ज़िन्दगी एक बार मिली है ,

बेवजह वक्त जाया न कीजिये , 

सफ़र में जो मिले काम का , 

साथ लेकर चलते रहिये , 

कल की चिंता कल पर , 

बीत गया जो इतिहास रहने दीजिये , 

किस्मत से जो आज मिला है , 

उसके पल -पल का मजा लीजिये। 

Monday, April 13, 2026

समयधारा

हम समयधारा के,
अत्यंत सूक्ष्म अंश हैं,
जैसे इस विराट ब्रह्मांड में
अनगिनत आकाशगंगाएँ,
और उनमें बिखरे अगणित तारे
हम शायद उनसे भी न्यून हैं।

फिर भी, जब हम
इस बहती समयधारा में होते हैं,
तब हमारा अस्तित्व
चमकदार भी होता है,
और वजनी भी।

समय का आदि है,
कोई निश्चित अंत,
पर यह जो क्षण है,
जिसमें हम, समय के साथ हैं,
यही हमारा सत्य है।

इसी क्षण में,
अपने कर्मों के वेग से,
हम इस धारा को
गर्वित और प्रशस्त कर सकते हैं,
और इसी प्रवाह में
अपने नाम की छाप
अमर कर सकते हैं।


Friday, March 20, 2026

वक्त

 


जो बीत गया , वो बीती बात है ,

जो सामने है , वही सच है ,

कल की फिक्र कर बस इतनी ,

आज जो है सामने ,उसको व्यर्थ न कर।

 

खरीद फरोख्त के इस जहाँ में ,

बस वक्त ही इक अपवाद है ,

फिसल इक बार लौट कर न आयेगा ,

बस वक्त की ही तू कद्र कर।

 

वक्त के संग चलना सीख ले,

रुकना इसका स्वभाव नहीं,

जो ठहर गया वो छूट गया,

इसमें कोई ठहराव नहीं।

 

हर पल में छिपी एक सीख है,

हर क्षण में इक अवसर है,

जो समझ गया इस रहस्य को,

उसका जीवन ही बेहतर है।

 

न बीते पर तू अश्रु बहा,

न आने वाले से डर,

जो हाथ में है वही अमृत है,

बस उसी में अपना घर कर।

Friday, February 13, 2026

वक्त

 


वक्त सबको वक्त देता है ,

वक्त को सब अपना वक्त नहीं देते ,

जो देते है , वो वक्त का साथ पाते है ,

जो नहीं देते , उनका वक्त निकल जाता है। 

 

वक्त की सबसे अच्छी चीज ये है " आनन्द ",

ये सदा के लिये किसी एक के पक्ष में नहीं रहता ,

बदलने की फितरत रही है सदा इसकी ,

देर सबेर आता हरेक के हिस्से जरूर हैं। 

 

कभी झटके में बदल जाता है ,

किसी को बेइंतेहां इन्तजार करवाता है ,

परीक्षा लेता है ठोक -बजाकर ,

जब आता है , फिर सिर ताज सजा देता है। 

 

वक्त कभी अच्छा या बुरा नहीं होता ,

सब परिस्थितियों का खेल होता है ,

लगता है वक्त को भी समीकरण बदलने में ,

वक्त को भी थोड़ा वक्त चाहिये होता है। 

 

Friday, January 30, 2026

समय यात्रा

 

हम समय की अनवरत यात्रा के ,

किसी पड़ाव पर साथ देने वाले ,

वो सूक्ष्तम सहभागी है जो ,

यदि कभी समय यात्रा की ,

रेखा में शायद अणु से भी छोटे रहेंगे ,

मगर इस यात्रा में जहाँ से ,

हम शामिल हुए है और ,

जितना भी समय हमें इसका ,

सहयात्री बनने का मिला ,

उस समय हम इस यात्रा में ,

कितना इसका साथ दे गए ,

और कितना यात्रा को आयाम दिये ,

यही हमारी छोटी सी यात्रा की ,

अनंत समय यात्रा को देन है ,

सफलता है , योगदान है। 

Wednesday, October 22, 2025

वक़्त

 

वक्त को भी ,

वक्त चाहिए होता है ,

आपके मनमुताबिक होने के लिये ,

उसको भी हिसाब लगाना पड़ता है ,

किसके हिस्से से दे आपको ,

किसके हिस्से से काम करे , '

या किसके हिस्से ज्यादा है ,

तसल्ली हो जाने के बाद ,

वो वापस लौटता है ,

मगर कुदरत का रँग देखो ,

किसी के लिए बहुत देर हो चुकी होती है ,

कोई इन्तजार को तैयार नहीं होता ,

और जो विश्वास के साथ डटा रहता है ,

वक्त फिर उसके साथ हो लेता है,

कर्म कीजिये  और इन्तजार कीजिये,

वक्त आपका भी आयेगा ,

बस वक्त को भी थोड़ा वक्त दीजिये।    

Friday, September 5, 2025

कल -आज -कल

  

भविष्य का सोच आज परेशान है ,

वर्तमान पिछली बातें सोच हैरान है ,

कहाँ है "अभी" वक्त जो हाथ में है ,

दो कल के बीच में फँसा पड़ा हैं। 

 

सबब ये है ध्यान बीती बातों में ,

चिंता आने वाले वक्त की सदा ,

मजा ले सकते है अभी में ,

वक्त का भी यही है तकाज़ा। 

 

बीता वक्त अब लौट नहीं सकता ,

आने वाले वक्त का बस कयास ही सही ,

तन -मन लगा अभी पर बस "आनन्द " ,

यही सुलझायेगा  कड़ियाँ  सभी। 

Tuesday, August 27, 2024

समय के बीज

 


 

समय के धरातल पर ,

जो बीज बोये जाते है ,

भविष्य में फिर वही ,

पेड़ बनकर समय की ,

छाती में उग आते है ,

बीज क्या बोया गया था ,

इसी बात पर पेड़ निर्भर है ,

फलदार होगा या कँटीला ,

ये बीज पर निर्भर है ,

समय अपने पास किसी का ,

कुछ बकाया नहीं रखता ,

वो देर -सवेर सब वापस कर देता है ,

वापस किसको ,कब करना है ,

ये समय का अपना निर्णय होता है ,

बीज को पनपने और पेड़ बनने में ,

समय भी तो अपना समय देता है,

और इस नाते इतना हक़ तो ,

समय का भी बनता है।

Monday, January 10, 2022

वक्त

 


फितरत है वक्त की,बदलते रहने की,

जो भी है , जैसा भी है - बदल जायेगा ,

कर्मों की धूणी हैं और किस्मत की झोली ,

धैर्य रख , इक दिन सबका आयेगा। 

 

ठहरता कहाँ है किसी एक के पास ,

इसके तराजू में हरेक तोला जायेगा ,

मुलाकात तय है कर्मों और किस्मत की ,

हिम्मत रख , तेरे हिस्से का तुझे मिल जायेगा।