Friday, March 20, 2026

वक्त

 


जो बीत गया , वो बीती बात है ,

जो सामने है , वही सच है ,

कल की फिक्र कर बस इतनी ,

आज जो है सामने ,उसको व्यर्थ न कर।

 

खरीद फरोख्त के इस जहाँ में ,

बस वक्त ही इक अपवाद है ,

फिसल इक बार लौट कर न आयेगा ,

बस वक्त की ही तू कद्र कर।

 

वक्त के संग चलना सीख ले,

रुकना इसका स्वभाव नहीं,

जो ठहर गया वो छूट गया,

इसमें कोई ठहराव नहीं।

 

हर पल में छिपी एक सीख है,

हर क्षण में इक अवसर है,

जो समझ गया इस रहस्य को,

उसका जीवन ही बेहतर है।

 

न बीते पर तू अश्रु बहा,

न आने वाले से डर,

जो हाथ में है वही अमृत है,

बस उसी में अपना घर कर।

No comments:

Post a Comment