कौन है धुरंधर ?
वो जो सही वक्त पर ,
सही कदम उठाकर ,
अपने जूनून और हौंसले से ,
अपने लक्ष्य की तरफ ,
एकाग्र और एकनिष्ठ ,
मंजिल की तरफ बढ़े ,
फिर हार हो या जीत ,
आत्मसात करे ,
और फिर उठने का साहस करे ,
जगाये अंतर्मन को पुरजोर ,
दृढ़ निश्चय कर ,
आगे बढ़े ,
तब तक जब तक सीने में ,
कुछ कर गुजरने का ,
जज्बा कायम रहे ,
वही धुरंधर , वही धुरंधर।
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