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Friday, September 5, 2025

कल -आज -कल

  

भविष्य का सोच आज परेशान है ,

वर्तमान पिछली बातें सोच हैरान है ,

कहाँ है "अभी" वक्त जो हाथ में है ,

दो कल के बीच में फँसा पड़ा हैं। 

 

सबब ये है ध्यान बीती बातों में ,

चिंता आने वाले वक्त की सदा ,

मजा ले सकते है अभी में ,

वक्त का भी यही है तकाज़ा। 

 

बीता वक्त अब लौट नहीं सकता ,

आने वाले वक्त का बस कयास ही सही ,

तन -मन लगा अभी पर बस "आनन्द " ,

यही सुलझायेगा  कड़ियाँ  सभी। 

Thursday, November 24, 2022

आज

 

किसने देखा है आने वाला कल ?

कौन बदल सकता है बीता कल ?

आज ,जो अभी है - वही सामने है ,

जो है , बस यही है , यही है - सच। 

 

कल क्या हुआ था , इतिहास बन गया ,

कल क्या होगा ,  किसको है खबर,

जो हाथ में है , उसका शुक्र मना ,

कर्मों से आज अपना भाग्य जगा। 

 

किसको फुर्सत है यहाँ ,

तेरे संघर्ष पर चर्चा करने की ,

कहते थे लोग , कहते रहेंगे ,

लक्ष्य साध , और मुस्कराते जा। 

 

ये जो "आज" है , वही जादुई है ,

जो कर गुजरना है , यही तेरे हाथ है ,

भरोसा रख खुद पर , कर्मों का विधान है ,

आज सही तो फिर सफर आसान हैं।