जेन ज़ी की आँखों में, सपनों का आसमान है,
कंधों पर भविष्य का, एक विशाल जहान है।
निडर, बेख़ौफ़, तेज़ क़दमों से चलती ये पीढ़ी,
समय की धड़कनों में, इनकी ही पहचान है।
इनके हाथों में मोबाइल है, पर जड़ों से रिश्ता भी,
दादी की कहानियाँ हैं, और डिजिटल दुनिया भी।
ये जानते हैं मिट्टी की खुशबू का अर्थ क्या है,
और आकाश छूते सपनों की ऊँचाई भी।
भावनाएँ हैं इनमें, पर विवेक की लौ भी,
सिर्फ़ बहाव नहीं, दिशा चुनने की सोच भी।
लोग चाहे कह दें इन्हें लापरवाह या अलग,
पर हर निर्णय के पीछे, एक गहरी खोज भी।
ये प्रश्न करते हैं, पर उत्तर गढ़ते भी हैं,
रास्ते नहीं मिलते, तो नए रास्ते पढ़ते भी हैं।
हार को अंत नहीं, अनुभव मानते हैं,
और गिरकर फिर उठना, बेहतर समझते भी हैं।
ये वही पीढ़ी है, जो सीमाएँ तोड़ेगी,
विज्ञान, कला, विचारों से दुनिया जोड़ेगी।
एक शताब्दी की दिशा और दशा बदलने को,
अपनी मेहनत से नया इतिहास मोड़ेगी।
कल का सूरज इनके हाथों से उगेगा,
मानवता का सफ़र नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।
जेन ज़ी कोई साधारण अध्याय नहीं है,
ये आने वाले युग का पहला सवेरा है।
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