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Wednesday, December 9, 2020

सफर

 

ऐ ज़िन्दगी !

तेरे साथ चलते चलते एक दिन ,

मैं भी थक जाऊंगा ,

तुम आगे बढ़ते रहोगे , मैं हट जाऊँगा ,

फिर तुम्हारे साथ कोई नया होगा ,

शायद मुझसे बेहतर होगा ,

हो जिक्र कभी सफर का ,

बस तुम मुस्करा के कह देना ,

छोड़ आया हूँ पीछे किसी को ,

तुम्हारे सवाल का उत्तर देने से पहले ,

वो याद आ गया। 

Friday, September 14, 2018

ये जीवन है


ये जीवन है ,
चढ़ाव भी आयेंगे ,
तो ढलान से भी वास्ता पड़ेगा ,
कभी फूलो पर पाँव पड़ेंगे ,
तो कभी काँटों से घाव होगा,
सूरज की किरणे साथ होंगी ,
कभी अंधेरो से मुकाबला भी होगा ,
खुशियों का अम्बार होगा ,
कभी गम भी असरदार होगा ,
जीत का स्वाद लगेगा ,
कभी हार का मुंह भी देखना पड़ेगा ,
किस्मत का साथ मिलेगा ,
कभी खाली हाथ भी रहना होगा ,
अनचाहे पलो का दीदार होगा ,
कभी चाहतों से हर द्वार सजेगा।  

चलना अपने ही बूते है यहाँ ,
साथ मिले तो ठीक , वरना अकेले ही चलना होगा
ये जीवन सफर है जनाब !
यहाँ तो हर जज्बात को साथ लेकर आगे बढ़ना ही होगा।