सुनो
, आपसे कुछ कहना है
हाँ
, हाँ , आपसे से ही ,
इधर
उधर बगले मत झांको ,
तुम्हारे
सिवाय और किसी से नहीं ,
आज
और अभी कुछ कहना है।
तुम
जो इतना व्यस्त दिखा रहे हो खुद को ,
उतना
तुम हो नहीं ,
जबरदस्ती
की कोशिश मत करो ,
आज
मुझसे पल्ला छुड़ाने की।
सबके
लिए समय है तुम्हारे पास ,
क्या
मेरे लिए कुछ भी नहीं ,
चौबीस
घंटे साथ रहता हूँ तुम्हारे ,
फिर
भी तुम्हे मेरी कोई क़द्र नहीं।
किसी
दिन रूठ गया ना ,
बहुत
पछताओगे ,
ये
जो नौटंकी रोज करते हो ना ,
फिर
कभी न कर पाओगे।
दिल
हूँ तुम्हारा ,
कभी
मेरी भी सुन लिया करो ,
कभी
कभी मुझसे भी ,
एकांत
में मिल लिया करो।
बहुत
समय से हम एक दूसरे से मिले नहीं ,
इसलिए
तुम खुश कम और परेशान ज्यादा रहते हो ,
दिमाग
के बहकावे में हर समय गुलाम से रहते हो ,
मिलो
कभी हम तुम्हे " खुद से " मिलवाते
है।

