इंस्टाग्राम में चमकती
तुम ,
फेसबुक पर इठलाती हो
,
व्हाट्सप्प पर आकर ,
गुमसुम क्यों हो जाती
हो।
सुना तो है 4 जी बड़ा
अच्छा चलता है,
तुम्हारे शहर में ,
सब नेटवर्क के टावर भी
खड़े है ,
मगर कॉल का जवाब देने
में क्यों कतराती हो।
अब तो कितना आसान हो
गया सब ,
चिट्टी पत्री , छुप कर
निहारना - सब पुरानी बातें है ,
अब तो कनेक्टेड रहते
है हरदम ,
ज्यादातर ऑफलाइन क्यों
रहती हो।
इजहार करना कितना आसान
हो गया अब ,
बिना शब्दों के भी काम
चल जाता है ,
बने बनाये भाव व्यक्त
हो जाते है ,
तुम इमोजी क्यों इस्तेमाल
नहीं करती हो।
