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Friday, August 7, 2026

सोशल मीडिया एल्गोरिदम

 

सोशल मीडिया एल्गोरिदम , कृपा बरसाओ ,

इंस्टा पर मेरे लिखे बढ़वाओ ,

फेसबुक में नये फॉलोवर दिलाओ ,

यूट्यूब के सब्सक्राइबर बढ़ाओ। 

 

मैं रोज़ नया कंटेंट बनाऊँगा ,

हर ट्रेंड पर वीडियो अपलोड करुँगा ,

लाइक , सब्सक्राइब और फॉलोवर के लिये ,

हर तरकीब अपनाऊँगा। 

 

बस एक बार अपनी नजर घुमाओ ,

मेरी भी थोड़ी रीच बढ़ाओ ,

अपने एल्गोरिदम का जादू चलाओ ,

हर पोस्ट पर मिलियन व्यूज दिलाओ। 

 

आई का कोई कमाल दिखाओ ,

एक प्रोम्प्ट से कंटेंट वायरल कराओ ,

मुझे भी इन्फ्लुएंसर का ताज दिलाओ ,

ब्लू टिक का सपना सच कराओ। 

Thursday, September 18, 2025

छलावा

शनैः शनैः हम इक ,

छलावे की दुनिया ,

असली समझ , 

गिरफ्त में आ रहे है , 

इस दुनिया का कोई , 

सिर पैर नहीं है , 

सब आभाषी , 

सब छदम , 

इसी दुनिया को अब , 

नई दुनिया समझ रहे है।  


डर इस बात का है सिर्फ , 

छदम या आभाषी दुनिया की , 

उम्र लंबी नहीं होती है , 

फिर जब टूटेगा भ्रम , 

तब तक शायद बहुत देर , 

हो चुकी होगी , 

और शायद इक पीढ़ी , 

भ्रम में ही खप चुकी होगी, 

नई पीढ़ी को फिर , 

सिफ़र से शुरुवात करनी होगी।  

Thursday, January 14, 2021

नयी कविता

 

इंस्टाग्राम में चमकती तुम ,

फेसबुक पर इठलाती हो ,

व्हाट्सप्प पर आकर ,

गुमसुम क्यों हो जाती हो। 

 

सुना तो है 4 जी बड़ा अच्छा चलता है,

तुम्हारे शहर में ,

सब नेटवर्क के टावर भी खड़े है ,

मगर कॉल का जवाब देने में क्यों कतराती हो। 

 

अब तो कितना आसान हो गया सब ,

चिट्टी पत्री , छुप कर निहारना - सब पुरानी बातें है ,

अब तो कनेक्टेड रहते है हरदम ,

ज्यादातर ऑफलाइन क्यों रहती हो। 

 

इजहार करना कितना आसान हो गया अब ,

बिना शब्दों के भी काम चल जाता है ,

बने बनाये भाव व्यक्त हो जाते है ,

तुम इमोजी क्यों इस्तेमाल नहीं करती हो।