Tuesday, June 9, 2026

ए आई और हम

 कुछ ऐसा लिखो आनन्द अब , 

जो ए आई भी न लिख पाये , 

कुछ ऐसे सवाल बूझो , 

जो गूगल के पास भी न हो , 

नया कुछ ही अंतर पैदा करेगा , 

ए आई और तुम्हारी लेखनी में , 

अभी भी बहुत उम्मीद बची है , 

ए आई वही लिखेगा , 

जो अब तक लिखा जा चुका है , 

गूगल अब भी उन्ही प्रश्नों का उत्तर देगा , 

जो हल किये जा चुके है कभी , 

नया लिखने के लिये अभी भी बहुत है , 

और हजारों सवाल अब भी अनुत्तरित है , 

और यही अभी की "उम्मीद " है , 

ये उम्मीद और सम्भावना बहुत बड़ी है, 

इंसानो की बुद्धि और रचनात्मकता की , 

अभी तक तो कोई सीमा नहीं हैं , 

मजे की बात तो ये है " आनन्द " 

ए आई और गूगल सब , 

उसी करामाती ढाई सौ ग्राम के  , 

मस्तिष्क की बानगी भर है, 

ए आई अभी एक जमा एक को दो ही कहेगा , 

एक जमा एक को ग्यारह करने में अभी बहुत देर हैं।  

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